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पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार ऐसा समय आया कि जब इंद्र देव का दरबार चल रहा था, तो उस दौरान क्रोंच नामक गंधर्व हंसी ठिठोली करने लगा, जिसकी वजह से दरबार में बाधा उत्पन्न होने लगी। हंसी ठिठोली के दौरान क्रौंच ने मुनि वामदेव के ऊपर पैर रख दिया, जिससे मुनिदेव ने क्रोधित होकर क्रौंच को चूहा श्राप दिया। क्रोंच मूषक बनने के बाद पराशर ऋषि के आश्रम पहुंचा।,वहां भी उसने उत्पात मचाया। उसके आतंक की वजह से ऋषि गणपति बप्पा (Ganesh Chaturthi 2025 history) से मदद मांगी। उन्होंने मूषक के बारे में सारी बात बताई। उन्होंने मूषक को पकड़ने के लिए पाश फेंका, जिसमें वह फंस गया और वो मूर्छित हो गया। इसके बाद मूषक ने गणेश जी से क्षमायाचना मांगी। गणपति बप्पा ने मूषक को कोई वरदान मांगने के लिए कहा, मूषक ने मना कर दिया। इसके बाद गणेश जी ने कहा कि तुम मेरे वाहन बनो। इसी तरह गणेश जी की सवारी मूषक बन गया।,गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश का विधिपूर्वक अभिषेक करें। इसके बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। कथा का पाठ करें। मंत्रों का जप करें। फल और मोदक का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से गणेश जी प्रसन्न होकर साधक की सभी मुरादें पूरी करते हैं और रुके हुए काम पूरे होते हैं।,अगर आप लंबे समय से कर्ज की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा-अर्चना करें। इस दौरान प्रभु के सामने चौमुखी दीपक जलाएं। इस दौरान गणेश जी से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से कर्ज की समस्या दूर होती है और गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं। ,यह भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi 2025 Wishes: इन संदेशों के जरिए अपनों को कहें गणेश महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं, खुश होंगे बप्पा यह भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi 2025: इस मुहूर्त में विराजेंगे बप्पा, जानें पूजा विधि और मंत्र अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। 。
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Published on:06:22:15




